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ترانه و شعر با صدای A.R. Rahman, Irshad Kamil & Vipin Aneja
जैसे तू है पास मेरे, तेरे पास मैं जैसे शामों के सवेरे, तेरे पास मैं
जैसे नीची नज़र में शर्म छुपी है साँसों में कोई नज़म
जैसे पानी पास प्यासे, तेरे पास मैं जैसे दिल के हैं दिलासे, तेरे पास मैं
झूठ हैं ये दूरियाँ, झूठ फ़ासला है तुझे रोज़ मिल रहा हूँ मैं, दूर फिर कहाँ हुआ?
जैसे कानों में हो बाली, तेरे पास मैं जैसे होंठों में हो लाली, तेरे पास मैं
तेरे पास मैं तेरे पास मैं