ترانه و شعر با صدای Amaal Mallik, Arijit Singh & Tulsi Kumar
ਤੈਨੂੰ ਇਤਨਾ ਮੈਂ ਪਿਆਰ ਕਰਾਂ ਇਕ ਪਲ ਵਿਚ ੧੦੦ ਬਾਰ ਕਰਾਂ ਤੂੰ ਜਾਵੇ ਜੇ ਮੈਨੂੰ ਛੱਡ ਕੇ ਮੌਤ ਦਾ ਇੰਤਜ਼ਾਰ ਕਰਾਂ
के तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है तुझपे ही साँस आके रुके मैं तुझको कितना चाहता हूँ ये तू कभी सोच ना सके
तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है तुझपे ही साँस आके रुके मैं तुझको कितना चाहता हूँ ये तू कभी सोच ना सके
कुछ भी नहीं है ये जहाँ तू है तो है इसमें ज़िन्दगी
कुछ भी नहीं है ये जहाँ तू है तो है इसमें ज़िन्दगी अब मुझको जाना है कहाँ? के तू ही सफ़र है आख़िरी
के तेरे बिना जीना मुमकिन नहीं ना देना कभी मुझको तू फ़ासले मैं तुझको कितना चाहती हूँ ये तू कभी सोच ना सके
तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है तुझपे ही साँस आके रुके मैं तुझको कितना चाहता हूँ ये तू कभी सोच ना सके
आँखों की है ये ख्वाहिशें के चेहरे से तेरे ना हटे नींदों में बस तेरे ख़्वाबों ने ली है करवटें
के तेरी ओर मुझको ले के चले ये दुनिया भर के सब रास्ते मैं तुझको कितना चाहता हूँ ये तू कभी सोच ना सके
तेरे लिए दुनिया छोड़ दी है तुझपे ही साँस आके रुके मैं तुझको कितना चाहता हूँ ये तू कभी सोच ना सके
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