ترانه و شعر با صدای Ami Mishra
हाँ आ आ आ अ अ आ अ अ आ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ मैं जान ये वार दूँ हर जीत भी हार दूँ क़ीमत हो कोई तुझे बेइंतेहा प्यार दूँ मैं जान ये वार दूँ हर जीत भी हार दूँ क़ीमत हो कोई तुझे बेइंतेहा प्यार दूँ सारी हदें मेरी अब मैंने तोड़ दी देकर मुझे पता आवारगी बन गए हाँ हसीं बन गए हाँ नमी बन गए तुम मेरे आसमां मेरी ज़मीं बन गए आ आ आ ओ ओ ओ आ आ आ क्या खूब रब ने किया बिन मांगे इतना दिया वरना है मिलता कहाँ हम काफिरों को ख़ुदा क्या खूब रब ने किया बिन मांगे इतना दिया वरना है मिलता कहाँ हम काफिरों को ख़ुदा हसरतें अब मेरी तुमसे है जा मिली तुम दुआ अब मेरी आखिरी बन गए हाँ हसीं बन गए हाँ नमी बन गए तुम मेरे आसमां मेरी ज़मीं बन गए ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ अ अ आ हाँ आ आ आ आ आ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ अ अ आ
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