ترانه و شعر با صدای Amit Trivedi, Amitabh Bhattacharya & Sireesha Bhagavatula
कोई कैसे उन्हें ये समझाए सजनिया के मन में अभी इनकार है? जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है
धीरे-धीरे जतन करने से दुल्हनिया के खुलते ह्रदय के द्वार हैं जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है
बालों में बढ़ के गजरा लगाना नज़दीक आने का है बहाना सब जान के भी, छलिया के छल से मुश्किल है बच पाना
हो, अखियों से ठग के भरना वो जाने बतियों से जुर्माना
हाँ, जो मैं टोकूँ, कहा ना मेरा माने भवों को ऐसे ताने, बहस बेकार है जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है
कोई कैसे उन्हें ये समझाए सजनिया के मन में अभी इनकार है? जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है जाने बलमा घोड़े पे क्यूँ सवार है
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