ترانه و شعر با صدای Abhijeet, Udit Narayan & Anu Malik
हम-दोनों हैं अलग-अलग, हम-दोनों हैं जुदा-जुदा एक-दूजे से कभी-कभी रहते हैं हम ख़फ़ा-ख़फ़ा हम-दोनों हैं अलग-अलग, हम-दोनों हैं जुदा-जुदा एक-दूजे से कभी-कभी रहते हैं हम ख़फ़ा-ख़फ़ा
लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली साला, आईला, उफ़मा, आई गं, पोरी आली-आली
मैं खिलाड़ी, तू अनाड़ी, मैं अनाड़ी, तू खिलाड़ी
गाल गुलाबी, नैन शराबी होश उड़ा ले जाए उफ़, लड़की है या है क़यामत, दिल से निकले हाए सोते-जगते लड़की देखूँ दिल धक-धक-धक धड़के देखो फड़के आँख मेरी, तन में शोला सा भड़के
लड़की-लड़की करते-करते हो ना जाएँ दीवाने ऐसा ना हो जाए की हम ख़ुद को ही ना पहचाने वार मेरा जब भी होता है कभी ना जाए खाली हर ताले की रखता हूँ मैं अपनी जेब में चाबी
लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली साला, आईला, उफ़मा, आई गं, पोरी आली-आली
मैं खिलाड़ी, तू अनाड़ी, मैं अनाड़ी, तू खिलाड़ी
चाहे Garhwal की हो, या Nainital की हो चाहे Punjab की हो, या फिर Bengal की हो Lovely, हसीन कोई दिल से ढूँढेंगे Lovely, हसीन कोई दिल से ढूँढेंगे Not permanent, temporary ढूँढेंगे रे
नीली छत्री वाले के भी मन में ख़ूब समाई क्या सोचा जो उसने लड़की जैसी चीज़ बनाई चिकनी-चिकनी देख के सूरत दिल ये फिसला जाता लड़की नहीं बनाता तो, बोलो, रब का क्या जाता?
तौबा-तौबा इनके जलवे, इनकी अदा निराली दिल करता है झूम के दिल में रख लूँ एक दिलवाली किसी एक का हाथ पकड़ के बना उसे घरवाली हर दिन तेरा बने दशहरा, रात बने दीवाली
लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली साला, आईला, उफ़मा, आई गं, पोरी आली-आली
मैं खिलाड़ी, तू अनाड़ी, मैं अनाड़ी, तू खिलाड़ी
हम-दोनों हैं अलग-अलग, हम दोनों हैं जुदा-जुदा एक-दूजे से कभी-कभी, रहते हैं हम ख़फ़ा-ख़फ़ा
लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली लड़की देखी, मुँह से सीटी, बजे हाथ से ताली साला, आईला, उफ़मा, आई गं, पोरी आली-आली
मैं खिलाड़ी, तू अनाड़ी, मैं अनाड़ी, तू खिलाड़ी
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