ترانه و شعر با صدای Arijit Singh
कभी जो बादल बरसे मैं देखूँ तुझे आँखें भर के तू लगे मुझे पेहली बारिश की दुआ
तेरे पहलू में रेह लूँ मैं खुद को पागल केह लूँ तू ग़म दे या ख़ुशियाँ सेह लूँ साथिया
कोई नहीं तेरे सिवा मेरा यहाँ मंज़िलें हैं मेरी तो सब यहाँ मिटा दे सभी आजा फ़ासले मैं चाहूँ मुझे मुझसे बाँट ले ज़रा सा मुझमें तू झाँक ले मैं हूँ क्या
ओ... ऐ... आ... पहले कभी ना तूने मुझे ग़म दिया फिर मुझे क्यूँ तन्हा कर दिया गुज़ारे थे जो लम्हें प्यार के हमेशा तुझे अपना मान के तो फिर तूने बदली क्यूँ अदा ये क्यूँ किया
ओ... कभी जो बादल बरसे मैं देखूँ तुझे आँखें भर के तू लगे मुझे पेहली बारिश की दुआ
तेरे पहलू में रेह लूँ मैं खुद को पागल केह लूँ तू ग़म दे या ख़ुशियाँ सेह लूँ साथिया
آثار دیگر از Arijit Singh
Arijit Singh, Dj Chetas, Dj Nyk & Sharib Toshi