ترانه و شعر با صدای Arijit Singh & Chinmayi Sripada
इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए उठता धुआँ तो (उठता धुआँ तो) कैसे छुपाए? (कैसे छुपाए?)
हो, अखियाँ करें जी-हज़ूरी माँगे हैं तेरी मंज़ूरी कजरा सियाही दिन रंग जाए तेरी कस्तूरी रैन जगाए
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए हो, चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन तेरा नाम दोहराए
हो, जोगिया जोग लगा के ਵੱਖਰਾ ਰੋਗ ਲਗਾ ਕੇ इश्क़ की धूनी रोज़ जलाए उठता धुआँ तो कैसे छुपाए?
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन तेरा नाम (बस तेरा नाम दोहराए)
ओढ़ के धानी रीत की चादर आया तेरे शहर में राँझा तेरा दुनिया, ज़माना, झूठा फ़साना जीने-मरने का वादा साचा मेरा
हाँ, शीशमहल ना मुझको सुहाए तुझ संग सूखी रोटी भाए
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए हो, चाहे भी तो भूल ना पाए
मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन बस तेरा नाम दोहराए मन मस्त-मगन, मन मस्त-मगन तेरा नाम दोहराए
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