ترانه و شعر با صدای Palak Muchhal
सुख दुःख झूठे धन भी झूठा झूठी मोह माया सच्चा मन का वो कोना जहाँ प्रेम रतन पाया प्रेम रतन पाया निनिनी साससा रे रे रे सा सा सा सा निनिनी साससा रे रे रे सा सा सा सा निनिनी साससा रे रे रे सा सा सा सा सा नि रे पायो पायो लायो छायो आयो गायो पायो हो सैयां तू कमाल का बातें भी कमाल की सैयां तू कमाल का बातें भी कमाल की लागा रंग जो तेरा हुई मैं कमाल की पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे प्रेम रतन धन पायो पायो प्रेम रतन धन पायो पायो रुत मिलन की लायो प्रेम रतन प्रेम रतन धन पायो मैंने प्रेम रतन धन पायो क्या मैं दिखा दूँ या मैं छुपा लूं जो धन है मन में ये भी ना जानू बजने लगी क्यों सरगम सी तन में खुशियां है आँगन में चेहरे पे आये मेरी रंगतें गुलाल की लागा रंग जो तेरा हुई मैं कमाल की पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे प्रेम रतन धन पायो पायो प्रेम रतन धन पायो पायो मन गगन पर छायो प्रेम रतन प्रेम रतन धन पायो मैंने प्रेम रतन धन पायो मुझको थे घेरे जितने अँधेरे हो गए दूर सभी सब सपनों की सब रिश्तों की पा ली हे कीमत भी प्रेम को मैं समझी किसी ने ना की मेरी तूने जो संभाल की लागा रंग जो तेरा हुई मैं कमाल की पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे पायो रे प्रेम रतन धन पायो पायो प्रेम रतन धन पायो पायो आज मन भर आयो प्रेम रतन प्रेम रतन धन पायो मैंने प्रेम रतन धन पायो छायो आयो लायो पायो पायो
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