ترانه و شعر با صدای Sachin-Jigar & Atif Aslam
देहलीज़ पे मेरे दिल की जो रखे हैं तूने कदम तेरे नाम पे मेरी ज़िन्दगी लिख दी मेरी हमदम हाँ, सीखा मैंने जीना जीना कैसे जीना हाँ, सीखा मैंने जीना मेरी हमदम ना सीखा कभी जीना जीना कैसे जीना ना सीखा जीना तेरे बिना हमदम देहलीज़ पे मेरे दिल की जो रखे हैं तूने कदम तेरे नाम पे मेरी ज़िन्दगी लिख दी मेरी हमदम हाँ, सीखा मैंने जीना जीना कैसे जीना हाँ, सीखा मैंने जीना मेरी हमदम ना सीखा कभी जीना जीना कैसे जीना ना सीखा जीना तेरे बिना हमदम सच्ची सी हैं ये तारीफ़ें दिल से जो मैंने करी है सच्ची सी हैं ये तारीफ़ें दिल से जो मैंने करी है जो तू मिला तो सजी हैं दुनिया मेरी हमदम ओ आसमां मिला जमीन को मेरी आधे आधे पूरे हैं हम तेरे नाम पे मेरी ज़िन्दगी लिख दी मेरी हमदम हाँ, सीखा मैंने जीना जीना कैसे जीना हाँ, सीखा मैंने जीना मेरी हमदम ना सीखा कभी जीना जीना कैसे जीना ना सीखा जीना तेरे बिना हमदम
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