ترانه و شعر با صدای Kumar Sanu & Alka Yagnik
पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा नज़रें चुराने लगे ज़रा-ज़रा दिल पे वो छाने लगे ज़रा-ज़रा ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा
धड़कनें चुराने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा
पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा हमें वो चाहने लगे ज़रा-ज़रा अपना बनाने लगे ज़रा-ज़रा ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा
दिल को धड़काने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा
हो, कहती है ये तेरी पायल "तूने किया मुझे घायल-घायल" शाम-सवेरे दिल में मेरे तूने मचा दी हलचल-हलचल
तेरी-मेरी प्रेम कहानी है सागर का गहरा पानी लाखों दिन और लाखों रातें ख़तम ना होंगी अपनी बातें
नींदें उड़ाने लगे ज़रा-ज़रा अपना बनाने लगे ज़रा-ज़रा हमें वो चाहने लगे ज़रा-ज़रा ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा
धड़कनें चुराने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा
हो, आजा, मुझको पागल कर दे ख़ुशियों से ये दामन भर दे हसरत है ये दिल में मेरे महबूबा से दुल्हन कर दे
माँग में तेरी तारे भर दूँ चाँद को तेरा कंगन कर दूँ फूलों से तस्वीर बनाऊँ किरणों से मैं रूप सजाऊँ
धड़कनें चुराने लगे ज़रा-ज़रा साँसों में बसाने लगे ज़रा-ज़रा दिल को लुभाने लगे ज़रा-ज़रा ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा
धड़कनें चुराने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा अपना बनाने लगे ज़रा-ज़रा ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा, ज़रा-ज़रा
पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा पास वो आने लगे ज़रा-ज़रा हम भी उन्हें चाहने लगे ज़रा-ज़रा
ज़रा-ज़रा (हाँ, ज़रा-ज़रा) ज़रा-ज़रा (ज़रा-ज़रा) ज़रा-ज़रा (हाँ, ज़रा-ज़रा)
آثار دیگر از Kumar Sanu & Alka Yagnik