ترانه و شعر با صدای Kumar Sanu & Kavita Krishnamurthy
रिमझिम रिमझिम रूंझूम रूंझूम भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम चलते हैं,चलते हैं बजता है जल्तरंग टील की च्चत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे बूँदों की ये लदाई लाई है वो घड़ी जिसके लिए हम तरसे हो हो हो बजता है जल्तरंग टील की च्चत पे जब मोतियों जैसा जल बरसे बूँदों की ये लदाई लाई है वो घड़ी जिसके लिए हम तरसे हा हा हा रिमझिम रिमझिम रूंझूम रूंझूम भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम हो चलते हैं चलते हैं बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ सारी दिशायें सोई हैं सपनों के गाओं में भीगी सी च्चाओं में दो आत्मायें खोई हैं हो बादल की चादरें ओढ़े हैं वादियाँ सारी दिशायें सोई हैं सपनों के गाओं में भीगी सी च्चाओं में दो आत्मायें खोई हैं रिमझिम रिमझिम रूंझूम रूंझूम भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम हो चलते हैं चलते हैं आए हैं देखने झीलों के आईने बेलों को खोले घटायें राह है धुआँ धुआँ जाएँगे हम कहाँ आओ यहीं रह जायें आए हैं देखने झीलों के आईने बेलों को खोले घटायें राह है धुआँ धुआँ जाएँगे हम कहाँ आओ यहीं रह जायें रिमझिम रिमझिम रिमझिम रूंझूम रूंझूम रूंझूम भीगी भीगी रुत में हे हे तुम हनूं हम तुम हो चलते हैं चलते हैं रिमझिम रिमझिम रिमझिम रिमझिम रूंझूम रूंझूम रूंझूम रूंझूम भीगी भीगी रुत में भीगी भीगी रुत में तुम हम हम तुम हो चलते हैं चलते हैं ..
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