ترانه و شعر با صدای Lata Mangeshkar & S.P. Balasubrahmanyam
आजा शाम होने आई मौसम ने ली अंगड़ाई आजा शाम होने आई मौसम ने ली अंगड़ाई तो किस बात की है लड़ाई तू चल मैं आई (ओ नो) तू चल मैं आई आजा शाम होने आई मौसम ने ली अंगड़ाई तो किस बात की है लड़ाई तू चल मैं आई (नो नो) तू चल मैं आई बजा क्या है देखो ज़रा तुम घड़ी गुज़र जाये ना प्रेम की ये घड़ी बजा क्या है देखो ज़रा तुम घड़ी गुज़र जाये ना प्रेम की ये घड़ी आती हूँ थोड़ा सा धीरज धरो (हा) लगा दूंगी मैं प्रेम की फिर झड़ी हो उतनी ही दूर है तू जितनी करीब है तेरे मेरे प्यार का किस्सा अजीब है धत तेरे की अब तो जान पे बन आई ये है प्यार की गहराई अब तो जान पे बन आई ये है प्यार की गहराई तो किस बात की है लड़ाई तू चल मैं आई माय गॉड तू चल मैं आई कम सून यार बहुत हो चुकी है तेरी दिल्लगी चली आओ अब शाम ढलने लगी हे बहुत हो चुकी है तेरी दिल्लगी चली आओ अब शाम ढलने लगी मेरे दिल में कितनी उमंगे भरी तुम्हें मैं बताती हूँ आकर अभी हा हा मेरा जादू चल गया तेरा चेहरा खिल गया पीछे पीछे मैं चली आगे आगे तू चला धत तेरे की तो कर दो सब को तुम गुडबाय मैंने प्यार किया मैं आई कर दो सब को तुम गुडबाय मैंने प्यार किया मैं आई तो किस बात की है लड़ाई तू चल मैं आई मेक इट फास्ट तू चल मैं आई ओ कम ऑन
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