ترانه و شعر با صدای Mithoon, Sayeed Quadri & Subodhh Sharma
चाहा था तूने जिसे, पाया कभी ना उसे तुझको तो सब है पता, ऐ दिल, सारी ख़बर है तुझे
बंजर हुई हैं आँखें, वीरान हैं ये साँसें अब मेरी रूह को ना जला, ना जला आगे है तेरी मर्ज़ी, कर ले तू ये ख़ुदग़र्ज़ी होना है, हो जा तबाह, हाँ, तबाह
वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल लुटने चला क्यूँ? वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल मिटने चला क्यूँ? हाय फिर इश्क़ करने चला क्यूँ?
ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ, दिल लुटने चला क्यूँ? ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ ओ-ओ-ओ, ओ-ओ-ओ, दिल मिटने चला क्यूँ? हाय फिर इश्क़ करने चला क्यूँ?
देखा है पहले कहीं, ऐसा लगा क्यूँ उसे? शायद मेरे दर्द से कहीं वाक़िफ़ लगा वो मुझे
मरहम लगा ज़ख़्मों पे, राहत मिली कुछ फिर से दिल को सुकून मिला, हाँ, मिला आगे है तेरी मर्ज़ी, कर ले तू ये ख़ुदग़र्ज़ी होना है, हो जा तबाह, हाँ, तबाह
वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल लुटने चला क्यूँ? वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल मिटने चला क्यूँ? हाय फिर इश्क़ करने चला क्यूँ?
ऐसी कोई दास्ताँ है दिल में उसके कहीं ज़िक्र वो जिसका कभी मगर ख़ुद से भी करता नहीं
रखता छुपा के सब से, भुला है जैसे रख के कल वो कहीं अपना, अपना आगे है तेरी मर्ज़ी, कर ले तू ये ख़ुदग़र्ज़ी होना है, हो जा तबाह, हाँ, तबाह
वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल लुटने चला क्यूँ? वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ, वे जुनूँ दिल मिटने चला क्यूँ? हाय फिर इश्क़ करने चला क्यूँ?
वे जुनूँ (वे जुनूँ, वे जुनूँ) वे जुनूँ (जुनूँ वे, वे जुनूँ) दिल इश्क़ करने चला क्यूँ? Hmm फिर इश्क़ करने चला क्यूँ?
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