ترانه و شعر با صدای Pritam, Arijit Singh, Shreya Ghoshal & Amitabh Bhattacharya
बेरंगे थे दिन बेरंगी शामें आई है तुमसे रंगीनिया फीके थे लम्हे जीने में सारे आई है तुमसे नमकीनिया बे-इरादा रास्तों की बन गये हो मंज़िलें मुश्किलें हल हैं तुम्ही से या तुम्ही हो मुश्किलें तुम क्या मिले, तुम क्या मिले हम ना रहे हम, तुम क्या मिले जैसे मेरे दिल में खिले फागुन के मौसम तुम क्या मिले तुम क्या मिले, तुम क्या मिले तुम क्या मिले, तुम क्या मिले हम थे रोज़मर्रा के एक तरह के कितने सवालों में उलझे उनके जवाबों के जैसे मिले झरने ठंडे पानी के हो रवानी में उँचे पहाड़ों से बह के ठहरे तालाबों से जैसे मिले तुम क्या मिले तुम क्या मिले हम ना रहे हम तुम क्या मिले जैसे मेरे दिल में खिले फागुन के मौसम तुम क्या मिले तुम क्या मिले तुम क्या मिले हम ना रहे हम तुम क्या मिले तुम क्या मिले तुम क्या मिले तुम क्या मिले तुम क्या मिले
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