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ترانه و شعر با صدای Pritam
या अली रहम अली या अली यार पे कुर्बान है सभी या अली मदद अली या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी इश्क़ पे हां मिटा दूं लूटा दूं मैं अपनी खुदी यार पे हां लूटा दूं मिटा दूं मैं ये हस्ती या अली रहम अली या अली यार पे कुर्बान है सभी या अली मदद अली या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी
मुझे कुच्छ पल दे कुरबत के फ़क़ीर हम तेरी चाहत के रहे बेचैन दिल कब तक मिले कुच्छ पल तो राहत के चाहत पे इश्क़ पे हां मिटा दूं लूटा दूं मैं अपनी खुदी यार पे हां लूटा दूं मिटा दूं मैं ये हस्ती या अली रहम अली या अली यार पे कुर्बान है सभी या अली मदद अली या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी
बिना तेरे ना एक पल हो ना बिन तेरे कभी कल हो ये दिल बन जाए पत्थर का ना इसमे कोई हलचल हो
सनम पे हां इश्क़ पे हां मिटा दूं लूटा दूं मैं अपनी खुदी कसम से हां लूटा दूं मिटा दूं मैं ये हस्ती या अली रहम अली या अली यार पे कुर्बान है सभी या अली मदद अली या अली ये मेरी जान ये ज़िंदगी
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