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ترانه و شعر با صدای RITVIZ
बहकी सभी ज़ुबाँ है, हम हैं हज़ारों में अब की कमी ज़रा है, हर चीज़ खास है अब है जो है वो समाँ है, तुम रह सकी तो रवाँ है अब है जो है वो समाँ है, तुम रह सकी...
ऐसी जीत अब चाहे ज़िंदगी ऐसी जीत अब चाहे ज़िंदगी (hey)
Hey
सहनी हमें सज़ा है, हम हैं बज़ारों के सब की नज़र यहाँ है, हर चीज़ राज़ है अब है जो है वो समाँ है, तुम रह सकी तो रवाँ है अब है जो है वो समाँ है, तुम रह सकी...
ऐसी जीत अब चाहे ज़िंदगी ऐसी जीत अब चाहे ज़िंदगी (hey)
ऐसी ज़िंदगी हम छिप-छिपाएँ (छिप-छिपाएँ) हम ना आएँ-आएँ-आएँ, हम ना आएँ ऐसी जीत... (जीत-जीत) छिप-छिपाएँ (छिप-छिपाएँ) ऐसी जीत (जीत-जीत) हम ना पाएँ (ना पाएँ)
ऐसी ज़िंदगी हम छिप-छिपाएँ (छिप-छिपाएँ) हम ना आएँ-आएँ-आएँ, हम ना आएँ (हम ना आएँ) ऐसी जीत... (जीत-जीत) छिप-छिपाएँ (छिप-छिपाएँ) ऐसी जीत (जीत-जीत) हम ना पाएँ (ना पाएँ)
ऐसी जीत ना छिप-छिपाएँ ना छिप-छिपाएँ, ना छिप-छिपाएँ ऐसी (जीत) ना छिप-छिपाएँ ना छिप-छिपाएँ, ना छिप-छिपाएँ Hey
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