ترانه و شعر با صدای Sachin-Jigar, Sonu Nigam & Krishnakali Saha
(तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे)
परदेसिया, हैं तेरे प्यार में जब से झंकार-सी है दिल के तार में तब से
(तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे)
परदेसिया, हैं तेरे प्यार में जब से झंकार-सी है दिल के तार में तब से
तुम हो मेरे, जानता हूँ, मगर पहुँचाऊँ तुम तक ये कैसे ख़बर? कब से हूँ मैं उम्मीद में है अनकहा, जो सुन लो अगर
परदेसिया, मिला है तू मुझे जब से मैं क़ैद हूँ तेरे भी प्यार में तब से
(तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) त-ना-ना (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) त-ना-ना (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे)
(हाँ, परदेसिया, हैं तेरी बतियों ने किया परेशान, परदेसिया) (परदेसिया, हैं तेरी अँखियों के दिल पे निशान, परदेसिया)
हाँ, छूके लबों से जैसे जादू ही कर दिया सावन ने मोरनी को क़ाबू में कर लिया हम-दोनों की जुदा थी हस्थियाँ हो किनारा बिन जैसे कश्तियाँ
आसान हो आगे सफ़र तुम साथ मेरा चुन लो अगर
परदेसिया, मिला है तू मुझे जब से मैं क़ैद हूँ तेरे भी प्यार में तब से
हो, तुम हो मेरे, जानता हूँ, मगर पहुँचाऊँ तुम तक ये कैसे ख़बर? कब से हूँ मैं उम्मीद में है अनकहा, जो सुन लो अगर
(तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) त-ना-ना (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे)
(हाँ, परदेसिया, हैं तेरी बतियों ने किया परेशान, परदेसिया) (परदेसिया, हैं तेरी अँखियों के दिल पे निशान, परदेसिया)
(तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) ओ (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) ओ (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) ओ (तक-दुम, तक-दुम, ता-न-ना-ना-ना-ना-रे) ओ
परदेसिया, हैं तेरे प्यार में जब से झंकार-सी है दिल के तार में तब से
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Sachin-Jigar, Krishnakali Saha & Amitabh Bhattacharya