ترانه و شعر با صدای Shaan
(तन्हा दिल) (तन्हा दिल) यूँ ही बेवजह क्यूँ उदास हूँ? जाने कैसी ये प्यास है कोई पूछ ले, क्या जवाब दूँ? आख़िर ये क्या एहसास है? हैं साथ मेरे सारे वो अपने अपनों में मेरे बस मैं शामिल नहीं राहें खुली हैं, है कारवाँ भी चल तो रहा हूँ मैं बेमंज़िल कहीं तन्हा दिल, तन्हा सफ़र ढूँढे मुझे फिर ये नज़र तन्हा दिल, तन्हा सफ़र ढूँढे मुझे फिर ये नज़र तन्हा दिल (तन्हा दिल)
(तन्हा दिल) खुशियों से रिश्ता रिश्तों के वास्ते मुझको फिर होगा जोड़ना इस दर्द को सीने में लेकर कब तक चलूँ? इस दर्द को पीछे है छोड़ना शर्मिंदगी के पर्दे गिरा के माँगूँ सहारा, राहें खुल जाएँगी (राहें खुल जाएँगी) कर लूँ यक़ीं जो अब ज़िंदगी में जीने की फिर से वजह मिल जाएगी तन्हा दिल, तन्हा सफ़र ढूँढे मुझे फिर ये नज़र तन्हा दिल, तन्हा सफ़र ढूँढे मुझे फिर ये नज़र तन्हा दिल (तन्हा दिल) तन्हा दिल
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