ترانه و شعر با صدای Sukriti Kakar & Siddharth Mahadevan
पहली बार तुमको मैंने जब देखा था सुन लो यार कि मैंने क्या सोचा था
लगा कि तुमसे है मिलना तबाही इस दिल को ही समझाने मैंने कहा "इस रस्ते ना जाना कभी, राही ये तेरे लिए है ही नहीं"
दिल मेरा बोल उठा "होने दो अब जो भी हो डरना क्या, भला-बुरा होने दो अब जो भी हो"
क्या दिल की सुन ली तुमने? क्या राह चुन ली तुमने? हाँ, दिल की सुन ली मैंने हाँ, राह चुन ली मैंने
पहली बार तुमको मैंने जब देखा था सुन लो यार, ओ, मैंने क्या सोचा था
लगा कि मशवरे सुनते हो दिल के लगा कि थोड़े से हो तुम दीवाने से करोगे दिल की ही बातें फिर मिल के और होंगी ये बातें बड़ी हसीं
दिल मेरा बोल उठा "होने दो अब जो भी हो डरना क्या, भला-बुरा होने दो अब जो भी हो"
क्या दिल की सुन ली तुमने? क्या राह चुन ली तुमने? हाँ, दिल की सुन ली मैंने हाँ, राह चुन ली मैंने
लहरों में जैसे लहरें मिलें ऐसे मिल गई दिलों की धड़कन चलते ही चलते राहों में खोए-खोए हैं दोनों तन-मन
हम पास आए तो क्यूँ पास आए? सोचो तो बात है ज़रा सी कुछ तुम भी प्यासे-प्यासे थे कब से मैं भी थी प्यासी-प्यासी
लगा कि तुमसे है मिलना तबाही इस दिल को ही समझाने मैंने कहा "इस रस्ते ना जाना कभी, राही ये तेरे लिए है ही नहीं"
दिल मेरा बोल उठा "होने दो अब जो भी हो डरना क्या, भला-बुरा होने दो अब जो भी हो"
क्या दिल की सुन ली तुमने? क्या राह चुन ली तुमने? हाँ, दिल की सुन ली मैंने हाँ, राह चुन ली मैंने
पहली बार (पहली बार) पहली बार (सुन लो, यार)
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