
ترانه و شعر با صدای The Local Train
दिल मेरे, तू है एक बंजारा जाने ना, तू क्यूँ फिरता आवारा दिल मेरे, तू है एक नाकारा माने ना, तू क्यूँ क़िस्मत का मारा
दिल मेरे, तू है एक बंजारा जाने ना, तू क्यूँ फिरता आवारा
क्या हासिल, इस जहाँ में ख़ुद को जाने ना तू, दिल क्या सच और क्या फ़साने हाल-ए-दिल मुश्किल ख़ुद को समझाना जाने ना, तू क्यूँ बन के अंजना
दिल मेरे, तू है एक नाकारा माने ना, तू क्यूँ क़िस्मत का मारा
ना-क़ाबिल नादाँ ढूँढे है जिनके दिल माया सूने बिन रस्ते उन बाज़ारों में दिल के फिरता आवारा झूठा दिल, झूठा है ये जग सारा
है बदनाम अब पल वो मेरे गुज़रे थे जो कल में तेरे किरदारों में उलझा, उलझा जग सारा गर्दिश में चमके वो टूटा तारा
दिल मेरे... बाज़ारों में...
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