ترانه و شعر با صدای Udit Narayan & K.S. Chithra
ख़्वाबों, ख़यालों, ख़्वाहिशों को चेहरा मिला ख़्वाबों, ख़यालों, ख़्वाहिशों को चेहरा मिला मेरे होने का मतलब मिला
कोई मिल गया, कोई मिल गया हाँ, कौन मिल गया? कोई मिल गया
यूँ तो हम-तुम मिलने को मिलते रहें यूँ तो हम-तुम मिलने को मिलते रहें पर क्यूँ आज ऐसा लगा?
कोई मिल गया, कोई मिल गया हाँ, कौन मिल गया? कोई मिल गया
मुझसे मिल कर क्या होता है? ये बतलाओ ना, ये बतलाओ ना बात ये हम कानों में कहेंगे पास में आओ ना, पास में आओ ना
जो बात तुम कहोगे, वो बात मैं भी जानूँ ये पास में आने की मैं बात नहीं मानूँ सुनो ना, सुनो ना, सुनो ना
यूँ तो बातें करने को करते रहें पर क्यूँ आज ऐसा लगा?
कोई मिल गया, कोई मिल गया हाँ, कौन मिल गया? कोई मिल गया
आ कर मेरे पास में तुम हो जा कर भी हो पास, जा कर भी हो पास इस एहसास के जैसा कोई और नहीं एहसास, और नहीं एहसास
ये जो भी हो रहा है, क्यूँ जानता नहीं मैं अपने ही दिल की बातें पहचानता नहीं मैं पहचानो, पहचानो, पहचानो
दिल तो अपना पहले भी धड़का किया पर क्यूँ आज ऐसा लगा?
कोई मिल गया, कोई मिल गया हाँ, कौन मिल गया? कोई मिल गया
ख़्वाबों, ख़यालों, ख़्वाहिशों को चेहरा मिला मेरे होने का मतलब मिला आ-हा-हा, यूँ तो हम-तुम मिलने को मिलते रहें पर क्यूँ आज ऐसा लगा?
कोई मिल गया कोई मिल गया कोई मिल गया
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