ترانه و شعر با صدای Udit Narayan & Alka Yagnik
टिप-टिप बरसा पानी... टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई आग लगी दिल में तो दिल को तेरी याद आई तेरी याद आई तो जल उठा मेरा भीगा बदन अब तू ही बता, ओ, सजन, मैं क्या करूँ?
न-न-न-न-न-न-न-नाम तेरा मेरे लबों पर आया था हो, नाम तेरा मेरे लबों पर आया था ओ, मैंने बहाने से तुम्हें बुलाया था झूमकर आ गया सावन, मैं क्या करूँ?
टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई आग लगी दिल में तो दिल को तेरी याद आई तेरी याद आई तो जल उठा मेरा भीगा बदन अब तू ही बता, ओ, सजन, मैं क्या करूँ?
डू-डू-डू-डू-डू-डू-डू-डूबा दरिया में, खड़ा मैं साहिल पर हो, डूबा दरिया में, खड़ा मैं साहिल पर तू बिजली बनकर गिरी मेरे दिल पर चली ऐसी ये पागल पवन, मैं क्या करूँ?
टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई आग लगी दिल में तो दिल को तेरी याद आई तेरी याद आई तो छा गया मुझ पे दीवानापन मेरे बस में नहीं मेरा मन, मैं क्या करूँ?
آثار دیگر از Udit Narayan & Alka Yagnik