ترانه و شعر با صدای Vinod Rathod & Alka Yagnik
ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जाँ मेरी मंज़िल है तू, तू ही मेरा जहाँ ओय-ओय, ओय-ओय
ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरे जान-ए-जाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरे जान-ए-जाँ बन गए आज हम दो बदन, एक जाँ ओय-ओय, ओय-ओय ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जाँ
भीगा-भीगा आँचल, आँखों का ये काजल घायल ना कर दे मुझे सीने की ये हलचल बढ़ने लगी पल-पल, पागल ना कर दे मुझे हो-हो-हो, भीगा-भीगा आँचल, आँखों का ये काजल घायल ना कर दे मुझे सीने की ये हलचल बढ़ने लगी पल-पल, पागल ना कर दे मुझे
पागल जो हम हो गए, बन जाएगी दास्ताँ आहिस्ता बोलो, सनम, सुन लेगा सारा जहाँ मेरी मंज़िल है तू, तू ही मेरा जहाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरे जान-ए-जाँ
साँसों के ये शोले साँसों में तू घोले, पल में पिघल जाएँ हम होंठों के अंगारे होंठों पे हमारे रख दें तो जल जाएँ हम साँसों के ये शोले साँसों में तू घोले, पल में पिघल जाएँ हम होंठों के अंगारे होंठों पे हमारे रख दें तो जल जाएँ हम
ये प्यार वो आग है, जिसमें नहीं है धुआँ लगती है जब ये अगन, जल जाते हैं जिस्म-ओ-जाँ बन गए आज हम दो बदन, एक जाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरी जान-ए-जाँ मेरी मंज़िल है तू, तू ही मेरा जहाँ ऐ मेरे हमसफ़र, ऐ मेरे जान-ए-जाँ
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