ترانه و شعر با صدای Vishal Mishra & Asees Kaur
पलको पे ओस सा तेरा नाम सजा के रखता हु यार मैं तुझे ख्वाब बना के पलको पे ओस सा तेरा नाम सजा के रखता हु यार मैं तुझे ख्वाब बना के हर किस्से पे हर पन्ने पे तुझको पढता है फिरता रेहता है पागल सा बस ये केहता है की तुझ बिन की तुझ बिन नई लगदा जी नही लगदा हाय नही लगदा जी नई लगदा हाय नही लगदा जी मेरा माहिया की तुझ बिन नई लगदा जी नही लगदा हाय नही लगदा जी नई लगदा हाय नही लगदा जी मेरा माहिया कैसी दुआये कैसी ये सदाये दिल क्यू तुम्हारा सुनता हि नही तुझको बुलाये तुझको हि चाहे दिल क्यू ये मेरा रूकता हि नही की मेरा हर लम्हा मेरा एक हिस्सा बन जाना मेरी ख्वाहिश जो भि सारी पुरी कर जाना की तुझ बिन की तुझ बिन नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी मेरा माहिया की तुझ बिन मेरा नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी मेरा माहिया टूटती रही मैं, डूबती रही मैं ऐसा राबता भी क्या छूटते नहीं हैं आस के सिरे ये तुमसे वास्ता है क्या तीखी तीखी धुप में आके तू साया कर जा भीगी भीगी आँखों को छू लेना हद कर जा तू आजा मेरे साजना की तुझ बिन नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी नई लगदा हाय नहीं लगदा जी मेरा माहिया की तुझ बिन मेरा नई लगदा जी नई लगदा हाय नई लगदा जी नई लगदा हाय नहीं लगदा जी मेरा माहिया
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