ترانه و شعر با صدای Jatin-Lalit & Alka Yagnik
प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे
प्यार के हसीं कब ये मौसम नहीं थे? कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे
ये दिन बरसों के बाद आया कुछ तुम्हें, कुछ हमें याद आया कसक फिर ये दिल में उठी है होंठों पे बात आ के रूकी है
कभी इतने मजबूर तो हम नहीं थे कभी इतने मजबूर तो हम नहीं थे
प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे प्यार के हसीं कब ये मौसम नहीं थे? कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे
अगर तुम ये दिल माँग लेते जान-ए-मन, हम तुम्हें जान देते तुम्हें कैसे हम भूल जाते मर के भी तुम हमें याद आते
तुम्हें है पता बेवफ़ा हम नहीं थे तुम्हें है पता बेवफ़ा हम नहीं थे
प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे प्यार के लिए चार पल कम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे
प्यार के हसीं कब ये मौसम नहीं थे? कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे कभी तुम नहीं थे, कभी हम नहीं थे
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