ترانه و شعر با صدای Kishore Kumar & Lata Mangeshkar
अरे, जाने कैसे, कब, कहाँ इक़रार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया हो, जाने कैसे, कब, कहाँ इक़रार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया
गुलशन बनीं गलियाँ सभी फूल बन गईं कलियाँ सभी गुलशन बनीं गलियाँ सभी फूल बन गईं कलियाँ सभी
लगता है मेरा सेहरा तैयार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया
तुम ने हमें बेबस किया दिल ने हमें धोखा दिया तुम ने हमें बेबस किया दिल ने हमें धोखा दिया
उफ़, तौबा, जीना कितना दुश्वार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया
हम चुप रहे, कुछ ना कहा कहने को क्या बाक़ी रहा? हो, हम चुप रहे, कुछ ना कहा कहने को क्या बाक़ी रहा?
बस आँखों ही आँखों में इज़हार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया जाने कैसे, कब, कहाँ इक़रार हो गया हम सोचते ही रह गए, और प्यार हो गया
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