ترانه و شعر با صدای Pritam, Arijit Singh, Shreya Ghoshal & Amitabh Bhattacharya
कोरे काग़ज़ों की ही तरह हैं इश्क़ बिना जवानियाँ दर्ज हुई हैं शायरी में जिनकी हैं प्रेम कहानियाँ
हम ज़माने की निगाहों में कभी गुमनाम थे अपने चर्चे कर रही हैं अब शहर की महफ़िलें
तुम क्या मिले, तुम क्या मिले हम ना रहे हम, तुम क्या मिले जैसे मेरे दिल में खिले फ़ागुन के मौसम, तुम क्या मिले
तुम क्या मिले, तुम क्या मिले तुम क्या मिले, तुम क्या मिले
آثار دیگر از Pritam, Arijit Singh, Shreya Ghoshal & Amitabh Bhattacharya