ترانه و شعر با صدای The Local Train
खड़ा हूँ आज भी वहीं के दिल फिर बेकरार है खड़ा हूँ आज भी वहीं के तेरा इंतज़ार है छू लो जो मुझे तुम कभी खो ना जाऊं मैं रात दिन नज़रों में तुम हो बसे कह दो जो तुम एक बार मेरे हो बस तुम मेरे नज़रों में तुम हो बसे
खड़ा हूँ आज भी वहीं लगी तेरी ही आस है कैसी है ये बेबसी ये कैसी दिल की प्यास है छू लो जो मुझे तुम कभी खो ना जाऊं मैं रात दिन नज़रों मेरे तुम हो बसे कह दो जो तुम एक बार मेरे हो बस तुम मेरे नज़रों मेरे तुम हो बसे
रह जाऊँगा यूँही बस यूँही, बस यूँही रह जाऊँगा यूँही बस यूँही, बस यूँही रह जाऊँगा यूँही बस यूँही, बस यूँही रह जाऊँगा यूँही बस यूँही, बस यूँही
छू लो जो मुझे तुम कभी खो ना जाऊं मैं रात दिन नज़रों मेरे तुम हो बसे कह दो जो तुम एक बार मेरे हो बस तुम मेरे नज़रों मेरे तुम हो बसे
हाँ मैं रुका हूँ तू जा चुका है हाँ मैं रुका हूँ तू जा चुका है
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